Article 370 Movie Review in Hindi: Article 370 Movie Review का दमदार सीन जिसे देख हो जाएंगे हैरान!

आर्टिकल 370 Movie review यामी गौतम अरुण गोविल प्रियामणि फिल्म review हिंदी में

Article 370 Movie Review in Hindi
Article 370 Movie Review in Hindi

 

Article 370 Movie Review in Hindi: आपको पता है कोई फिल्म सिर्फ 15 करोड़ लगा के 350 करोड़ का बिजनेस कैसे कर जाती है क्योंकि वो पब्लिक की फिल्म बन जाती है जाके कश्मीर फाइल से पूछिए और अब उसी जगह से एक दूसरी फिल्म बाहर निकली है जिसने अपने पहले ही दिन पूरे 8 करोड़ का बिजनेस करके बॉलीवुड की नींद उड़ा दी है.

भाई आर्टिकल 370 जब इसको सिनेमा की शक्ल में बदला जाएगा तब शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि ये फिल्म इतिहास लिखने वाली है ऋतिक रोशन जैसे बड़े स्टार की फिल्म को सिर्फ 10 लोगों के साथ मैंने पूरे थिएटर में देखा था जबकि कल 2024 में पहली बार पूरा थिएटर हाउसफुल क्या वाकई आर्टिकल 370 वो इज्जत डिजर्व करती है जो लोग इसको देना चाहते हैं जवाब हां है.

सर और सिर्फ हां नहीं बार-बार हजार बार हां बोलूंगी मैं इस कहानी को दिखाया जाता है एक कश्मीरी की आंखों से जो अपने स्वर्ग में घुसने वाले राक्षसों को रोकना चाहती है राक्षस कौन है ये टेररिस्ट वगैरह या फिर वो जो पत्थर फेंकते हैं लोगों पे जी नहीं वो सिर्फ कठपुतली हैं असली असुर मेरे आपके बीच में है नेता बनके अब जैसे पुराने जमाने में देवी देवता इन असुरों को मारने के लिए मंत्र या यंत्र का सहारा लेते थे हमारे पास ताकत है.

कांस्टीट्यूशन की संविधान लेकिन कहानी में ट्विस्ट ये है कि कानून तो है लेकिन वो इन असुरों को मारने के लिए नहीं बल्कि उनको बचाने के लिए बनाया गया है मतलब देवताओं की हार पक्की आपको रक्त बीज के बारे में पता है मैंने बताया था थोड़े दिन पहले एक राक्षस जिसको खुद देवताओं से वरदान मिला था इतना उधम मचाया उसने कि भगवान उसको मारने प मजबूर हो जाएं लेकिन खून की एक बूंद जहां पे गिरी वहां से नया ताकतवर रक्त बीज पैदा हो जाए तो मतलब ये तो अमर हो गया तब इस गलतफहमी को मिटाने के लिए माता काली ने अवतार लिया और तलवार से काट के रक्त बीज का पूरा खून पी लिया और अपनी इस फिल्म की खासियत यह है.

कि इसमें एक नहीं दो-दो काली हैं क्योंकि कलयुग के राक्षस को हराना सिर्फ एक देवी देवता के बस की बात ही नहीं है फिल्म कितनी सच कितनी झूठ इस पे लड़ाई चलने दो लेकिन फिल्म ऐसी बनाओ जो एक बार देखे भूल ना पाए आर्टिकल 370 का असली मतलब बच्चे बच्चे को भी पता चल जाए यही ताकत है इस फिल्म की सिनेमा ऐसा बनाया है जिसको बच्चे से लेकर बूढ़ा हर कोई आसान भाषा में समझ जाएगा और दूसरों को समझाएगा आर्टिकल 370 को फिल्म की शक्ल देना आसान काम नहीं है.

भाई स्पेशली उसको इस तरीके से प्रेजेंट करना कि हिस्ट्री क्लास नहीं विद्या बालन का एंटरटेनमेंट लगना चाहिए सच बोलूं तो काफी टाइम बाद एक परफेक्ट हिंदी फिल्म देखी है मैंने जिसकी कहानी में दम है और कहानी दिखाने का तरीका बिना किसी से डरे एकदम एटॉमिक बम है उरी देखी आपने वो फिल्म सिर्फ अपने मकसद से काम रखती है 1 पर भी कुछ फालतू ड्रामेबाजी नहीं है.

उसके अंदर रियलिटी से भी ज्यादा असली सिनेमा बनाया वही सेम मेकर्स इस नई फिल्म को लेकर आए हैं और यकीन मानिए मेरा जितना असर उरी ने आपके दिमाग प डाला था उससे बड़ा निशान 370 आपको देक जाएगी ढाई घंटे की फिल्म में एक गलती ढूंढ ने से भी ना मिल जाए इस बात का पूरा ध्यान रखा है जिसकी सबसे बड़ी वजह ऐसे एक्टर्स उठाना जो नाम से नहीं काम से चलते हैं. यामी गौतम की परफॉर्मेंस इस फिल्म के अंदर ऑलरेडी अगले साल उनको नेशनल अवार्ड लाकर देगी इस बात को कहीं भी लिख करर रख सकते हो आप सिर्फ कुछ फिल्में ऐसी बनती हैं.

जिनको देखते टाइम आप हीरो हीरोइन से नहीं बल्कि एक एक्टर से मुलाकात करते हो यामी ने वही काम करके सबको चौका दिया है एक सीन है फिल्म में जहां पे पूरे 2 मिनट लगातार बिना रुके यामी कश्मीर के टेररिज्म को एक्सप्लेन करती हैं रोंगटे खड़े हो गए थे मेरे आर्टिकल 370 हट हटना चाहिए या फिर नहीं इस सवाल का जवाब सिर्फ एक सेकंड में मिल जाएगा जब यामी की आंखों में झांक कर देखोगे इस फिल्म में खतरनाक परफॉर्मेंस और जो दूसरा कैरेक्टर है प्रियामणि का वो बहुत अच्छे से डिफाइन करता है.

कि सिर्फ जोश से नहीं होश से लड़ाई को जीता जाता है ये जो फेमिनिज्म का झंडा लेकर लोग सड़कों पे निकलते हैं. उनको टिकट खरीद कर ये फिल्म देखनी चाहिए और समझना चाहिए नारी शक्ति इसको बोला जाता है. दो ऐसी एक्टस जिनको कोई भी पॉपुलर फिल्म मेकर अपनी फिल्म में नहीं लेगा क्योंकि सिर्फ शोपीस बनके हीरो को आगे नहीं बढ़ाना खुद उस कहानी का हीरो बनना चाहते हैं. ये बाकी बचा कुचा काम डायरेक्टर साहब ने कर दिया जिन्होंने आर्टिकल 370 को सस्पेंस थ्रिल और एक्शन के साथ जबरदस्त स्टोरी टेलिंग में प्रेजेंट किया है.

बहुत चालाकी से पार्लियामेंट में चलने वाली लड़ाई को टेररिज्म के पैरेलल ले जाके एक साथ दिखाया है विथ 100% ट्रू इमोशंस तो यार मेरी तरफ से आर्टिकल 370 को मिलेंगे पांच में से पूरे चार स्टार्स एक स्टार फॉर दमदार एंड जरूरी कहानी पॉलिटिक्स विद टेररिज्म दूसरा फॉर स्टोरी टेलिंग 370 को ऐसे समझाना इतनी आसानी से असंभव था भाई तीसरा फॉर खतरनाक परफॉर्मेंसेस क्या एक्टिंग है भाई रियल लाइफ सिनेमा और चौथा कहानी की रीड की हड्डी इमोशंस जिन्होंने फिल्म को एक्सपीरियंस बना दिया नेगेटिव्स में एक शिकायत मेरी यह जो नेगेटिव कैरेक्टर्स हैं.

ना उनको थोड़ा और इंपैक्ट डालना चाहिए था कहानी में सिर्फ मुंह से बातें करने में वो डर महसूस नहीं होता थोड़ा दिमाग से खेली गई चेस जैसी चाल समझाते तो पिक्चर 100% कंप्लीट हो जाती अच्छा सिनेमा देखना है. बिना किसी एजेंडा वगैरह का चश्मा लगाए तो थिएटर के दरवाजे खुले हैं, लेकिन पहले से ही सही गलत चुनना है तो पैसे बर्बाद ना करें बाकी वीडियो में कुछ पसंद आया हो या फिर कुछ शिकायत करनी हो तो आप निचे कमेन्ट बॉक्स में कमेन्ट करके बता सकते हो.

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